
नेपाल की राजनीति में भूचाल है – और इसका एपिक सेंटर है ‘Gen Z का गुस्सा’। 3 सितंबर 2025 को नेपाल सरकार ने जब सोशल मीडिया बैन लगाया, तो उसे लगा कि बस इतना कर देने से सब शांत हो जाएगा।
पर सरकार शायद भूल गई थी कि ये Memes बनाने वाली Generation अब सत्ता को Meme बना रही है।
बैन हट गया… लेकिन आग नहीं बुझी!
सोशल मीडिया जैसे Facebook, WhatsApp, Instagram पर बैन हट चुका है। लेकिन सरकार को अब एहसास हो गया है कि डिलीट करने से हिस्ट्री नहीं मिटती, खासकर जब वो गूगल पर ट्रेंड कर रही हो।
19 लोगों की मौत, 200+ घायल, और 3 मंत्रियों का इस्तीफा अब तक हो चुका है। फिर भी प्रदर्शनकारी शांत नहीं हैं – अब उनका नया डिमांड है: पीएम का इस्तीफा!
मंत्री के घर में आग, पीएम की फ्लाइट में ‘बोर्डिंग’?
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संचार मंत्री पृथ्वी सुब्बा गुरुंग के घर में आग लगा दी गई।
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वित्त मंत्री बिष्णु पौडेल के घर में डकैती की घटनाएं हुईं।
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रिपोर्ट्स के मुताबिक, प्रधानमंत्री देश छोड़कर दुबई भागने की फिराक में हैं।
अब सोशल मीडिया अनबैन हुआ है, लेकिन सरकार की रेटिंग अभी भी Airplane Mode में है।
‘हामी नेपाल’ – कौन चला रहा है ये Gen Z क्रांति?
इस विरोध को एकजुट कर रहा है संगठन ‘हामी नेपाल’, जिसे लीड कर रहे हैं सुदन गुरुंग, उम्र 36 साल। अब Gen Z के पास सिर्फ GIFs और Filters नहीं हैं — उनके पास एक आंदोलन है।
“जब सरकार ने Apps बंद किए, हमने System खोल दिया।” – एक प्रदर्शनकारी
अंतरराष्ट्रीय हलचल: UN और Amnesty भी एक्टिव
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संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार आयोग ने 19 मौतों की पारदर्शी जांच की मांग की है।
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एमनेस्टी इंटरनेशनल ने बैन और बल प्रयोग की कड़ी निंदा की है।
Nepal अब सिर्फ ट्रेंडिंग नहीं है, डिप्लोमैटिक टेंशन का विषय भी बन चुका है।
काठमांडू में सेना तैनात, भारत ने दी चेतावनी
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काठमांडू में सेना तैनात
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भारत-नेपाल सीमा पर कर्फ्यू
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भारत ने नेपाल में रह रहे भारतीयों को सतर्क रहने की सलाह दी
राजधानी अब सिलेबस से ज़्यादा आग और आंसू गैस का केंद्र बन गई है।
Apps लौटे, लेकिन विश्वास नहीं
नेपाल सरकार ने शायद यह सोचकर बैन लगाया था कि डिजिटल साइलेंस = फिजिकल शांति। पर अब साबित हो गया कि Gen Z को म्यूट नहीं किया जा सकता – वो माइक्रोफोन ले आते हैं!

